सातवें चरण के लिए सेंट्रलाइज आवेदन लेने को होंगे नियमावली में बदलाव

 

दिनांक 14 साथ 2022 को शिक्षा विभाग की अहम बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सातवें चरण की आगामी शिक्षक बहाली में अभ्यर्थियों को नियोजन इकाई बार दर-दर भटकने की जरूरत नहीं है उन्हें एक बार ऑनलाइन तरीके से आवेदन करना होगा इसके लिए विभाग सेंट्रलाइज तरीके से आवेदन लेने पर विचार कर रहा है इस पर अंतिम सहमति अभी नहीं बन पाई है परंतु यह माना जा रहा है कि अगले चरण की बहाली प्रक्रिया सेंट्रलाइज तरीके से ही कराई जाएगी। इसके लिए विभाग ने पूरी तैयारी कर रखी है। विभाग का कहना है कि शिक्षक अभ्यर्थियों की परेशानी को देखते हुए इस बार आगामी शिक्षक बहाली में इस तरह की प्रक्रिया को लागू कर उनकी समस्याओं को कम किया जा सकेगा तथा बहाली में होने वाली अनियमितताओं पर भी अंकुश लगाई जा सकती है।




नियमावली में संशोधन को सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव
सातवें चरण के शिक्षक बहाली प्रक्रिया में सेंट्रलाइज आवेदन लेने के लिए नियमावली में बदलाव आवश्यक है क्योंकि अभी तक की शिक्षक बहाली की नियमावली 2020 प्रक्रिया में यह प्रावधान है कि नियोजन इकाई ही अपने स्तर पर मेधा सूची बनाएगी किंतु अभ्यर्थियों की हो रही परेशानी को मद्देनजर रखते हुए सेंट्रलाइज तरीके से आवेदन मंगा कर नियोजन इकाई बार मेधा सूची बनाने के लिए इस नियमावली में परिवर्तन के लिए विभाग इसे सरकार के पास संशोधन का प्रस्ताव भेज सकती है।

सिर्फ काउंसलिंग कराने जाना होगा शिक्षक अभ्यर्थियों को नियोजन इकाई
यदि शिक्षा विभाग सातवें चरण की शिक्षक बहाली प्रक्रिया में आवेदन ऑनलाइन सेंट्रलाइज तरीके से लेती है तो अभ्यर्थियों को नियोजन इकाई के पास सिर्फ काउंसलिंग के लिए जाना होगा। उससे पहले शिक्षा विभाग ही अभ्यर्थियों का चयन करेगा एवं उनकी मेरा सूची तैयार करेगी तथा उन मेधा सूची के आधार पर अभ्यर्थियों को भिन्न-भिन्न नियोजन इकाइयों के लिए मेधा सूची के अनुसार भेजा जाएगा जिससे उनकी परेशानी कम होगी।

नियोजन इकाई बार रिक्ति के लिए जिलों को दिया गया है अल्टीमेटम
विभिन्न नियोजन इकाई शिक्षकों के रिक्त पदों को शिक्षक छात्र अनुपात के तहत गणना करने के लिए विभाग ने 15 जुलाई तक का समय दिया था जो कि समाप्त हो चुकी है किंतु अभी तक जिलों के द्वारा इसकी सूची नहीं सौंपी गई है जिसके कारण विभाग सख्त लहजे में जिलों को अल्टीमेटम देते हुए यह कहा है कि नियोजन इकाई बार विभिन्न रिक्त पदों का रोस्टर तैयार करते हुए उन्हें शिक्षा विभाग को अतिशीघ्र उपलब्ध कराई जाए। जिससे आगे की प्रकृति ज्यादा देरी ना हो एवं बहाली की प्रक्रिया को अति शीघ्र प्रारंभ किया जा सकता है।

नियोजन प्रक्रिया में होने वाली धांधली एवं अनियमितता को दूर करने के लिए लिया गया है निर्णय
नियोजन प्रक्रिया में विभिन्न जगहों से लगातार या शिकायत आती थी कि वहां शिक्षक नियोजन में फर्जी अभ्यर्थियों की बहाली की गई है एवं काफी अनियंत्रित गई जिससे योग्य अभ्यर्थियों को बहाली से वंचित होना पड़ा है अतः इस प्रकार की समस्याओं से निपटने के लिए शिक्षा विभाग ने उच्चस्तरीय बैठक कर यह निर्णय लिया कि सातवें चरण के शिक्षक बहाली प्रक्रिया में सेंट्रलाइज तरीके से आवेदन दी जाएगी जिससे इस तरह की समस्याओं से निपटारा पाया जा सकेगा।

प्रारंभिक स्कूलों में आ सकती है 80000 से 100000 तक की बहाली
गौरतलब है कि सातवें चरण के शिक्षक बहाली प्रक्रिया में लगभग 80000 से 100000 तक शिक्षकों की बहाली होनी है जिसके लिए विभाग ने कुछ तैयारी कर रखी है एवं बहाली में कोई अनियमितता नहीं हो इसके लिए विभाग ने सेंट्रलाइज तरीके से आवेदन लेने के लिए नियमावली में संशोधन करने के हेतु सरकार के पास प्रस्ताव भेजेगी। आगामी सातवें चरण के शिक्षक बहाली प्रक्रिया में कुल 175000 शिक्षकों की बहाली की जाएगी जिसमें प्रारंभिक स्कूलों में 80000 से 100000 तक शिक्षकों की बहाली होगी एवं उतने ही शिक्षकों की बहाली माध्यमिक स्कूलों में की जाएगी इसके लिए शिक्षा विभाग की तैयारी जोरों शोरों पर है। 

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