आरडीडीई ने डीईओ कार्यालय के स्थापना संभाग के लिपिक को किया निलंबित

 सरकारी कार्य में लापरवाही दायित्व का निर्वहन उचित ढंग से नहीं करने उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना करने सरकारी अभिलेख गायब करने के प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के आधार पर गोपालगंज डीईओ कार्यालय की स्थापना संभाग के लिपिक शैलेश प्रसाद को आरडीडीई अशोक कुमार मिश्रा ने निलंबित कर दिया है।


लापरवाही के कारण किया गया निलंबित

बताया जाता है कि गोपालगंज के डीईओ कार्यालय में पदस्थापित लिपिक शैलेश प्रसाद बहुत ही लापरवाही के साथ अपना कार्य कर रहे थे एवं सरकारी कार्यों में रुकावट पैदा कर रहे थे इन आरोपों के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्यवाही के अधीन किया गया है यह कार्रवाई बिहार सरकार के सरकारी सेवक नियमावली के अंतर्गत की गई है। लिपिक शैलेश प्रसाद भरे ही लापरवाह एवं गैर जिम्मेदाराना तरीके से सरकारी कार्यों में रुकावट पैदा कर रहे थे एवं सरकारी अभिलेखों को गायब भी किया है जिस कारण उन्हें निलंबित किया गया।

निलंबित लिपिक शैलेश प्रसाद एवं गोपालगंज स्थापना पदाधिकारी पर 34540 कोटी के शिक्षक अभ्यर्थियों को प्रताड़ित करने का है आरोप

निलंबित लिपिक शैलेश प्रसाद तथा गोपालगंज स्थापना पदाधिकारी 34540 के बचे हुए शिक्षक अभ्यर्थियों जिनका गोपालगंज जिले में बीपीएससी के द्वारा नियुक्ति होनी थी उन्हें बहुत प्रताड़ित किया गया जिसके कारण उनकी अभी तक जॉइनिंग नहीं हो पाई है जबकि उन्हें ज्वाइन कराने के लिए कोर्ट ने दो-दो बार आदेश जारी किया किंतु इनके द्वारा टालमटोल कर सरकारी अभिलेखों को गायब कर दिया गया। बताते चलें कि 34540 के बचे हुए अभ्यर्थी जिनके नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किया था उन्हें बिहार के विभिन्न जिलों में योगदान करा लिया गया है किंतु गोपालगंज जिले में विगत 3 वर्षों से उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है एवं उनसे उक्त लिपिक शैलेश प्रसाद के द्वारा भारी भरकम घूस की डिमांड की जाती थी। घूस ना देने के कारण आज तक उनको योगदान नहीं कराया गया है।


34540 कोटि के शिक्षक अभ्यर्थियों का बहुत कम बचा है सेवा अवधि

ज्ञात हो कि 34540 कोटि के शिक्षक अभ्यर्थियों की सेवा अवधि बहुत ही कम बची हुई है जिस समय सुप्रीम कोर्ट के द्वारा उन्हें नियुक्त कराने का आदेश जारी किया गया था उस समय किसी शिक्षक अभ्यर्थियों की उम्र 6 महीने बची हुई थी तथा किसी की दो-तीन वर्ष और किसी किसी की 5 से 10 वर्ष बची हुई थी जिसमें अभी तक कुछ अभ्यर्थियों की जॉइनिंग कराई गई किंतु अभी भी 22 अभ्यर्थियों को गोपालगंज स्थापना डीपीओ एवं गोपालगंज स्थापना में कार्यरत लिपिक शैलेश प्रसाद के द्वारा प्रताड़ित किया गया एवं उन्हें आज तक योगदान नहीं कराया गया है जबकि दूसरे जिलों में उक्त कोटि के अभ्यर्थियों का योगदान करा लिया गया।


ऐसे लापरवाह कर्मियों पर हो सख्त कार्रवाई

बिहार सरकार में ऐसे लापरवाह कर्मियों के कारण ही सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है एवं सरकारी कार्यप्रणाली एवं विभाग पूरी तरह बदनाम हो रखी है ऐसे कर्मचारियों के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे अन्य कर्मियों को सबक मिले। गोपालगंज जिले में शिक्षक नियोजन एवं 34540 शिक्षक अभ्यर्थियों का योगदान न  कराना एक बहुत बड़ी समस्या है जिससे शिक्षक की कमी गोपालगंज जिले में बनी हुई है। यह भ्रष्ट अधिकारी एवं कर्मचारी शिक्षा विभाग को पूरी तरह से खोखला करने पर तुले हुए हैं इनके ऊपर की गई प्रशासनिक कार्यवाही की जांच होने के बाद इन्हें कड़ी से कड़ी सजा देनी चाहिए।


निलंबन अवधि के दौरान सारण जिले के बंगला राजकीय सर्वोदय उच्च विद्यालय में बनाया गया है मुख्यालय

निलंबित लिपिक शैलेश प्रसाद को आरडीडीई अशोक कुमार मिश्रा के निलंबित करने वाले आदेश के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है जिसके कारण उन्हें निलंबन अवधि के दौरान सारण जिले के बंगला राजकीय सर्वोदय उच्च विद्यालय में उनका मुख्यालय निर्धारित किया गया है एवं आरोपों की जांच के लिए सिवान के डीईओ को संचालन पदाधिकारी जबकि सारण जिले के अस्थापना डीपीओ को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी बनाया गया है। इन दोनों अधिकारियों के ऊपर यह जिम्मेदारी है कि लापरवाह लिपिक शैलेश प्रसाद को कड़ी सजा दिलवाई एवं अन्य प्रशासनिक कर्मचारियों में कड़ा संदेश दे।


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