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Showing posts from August, 2022

टीचर्स ऑफ बिहार द्वारा द्वारा सवाल आपके,जवाब हमारे लेट्स टॉक कार्यक्रम आयोजित

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  एक्सक्लूसिव लाइव कार्यक्रम में चहक प्रशिक्षण पर शिक्षा विभाग के उच्च पदाधिकारियों से अपने सवालों को पूछने का मौका दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शशिधर उज्जवल द्वारा किया गया। सवालों का जवाब देने किरण कुमारी अपर राज्य परियोजना निदेशक, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद सय्यद अब्दुल मोइन पूर्व निदेशक, दूरस्थ शिक्षा, एससीईआरटीएवं कंसलटेंट यूनिसेफ बिहार विभा कुमारी राज्य समन्वयक,चहक प्रशिक्षण, एससीईआरटी इस कार्यक्रम को टीचर्स ऑफ बिहार के फेसबुक पेज पर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम को मोडरेट किया शशिधर उज्जवल ,चंचला तिवारी एवम केसव कुमार ने। केशव जी द्वारा मोइन सर से प्रधान शिक्षकों को भी प्रशिक्षण में शामिल किया गया है,इसके क्या कारण है? वैसे प्रधानाध्यापक जो प्रशिक्षण में कम रुचि दिखाते हैं और वे मानते हैं कि प्रधानाध्यापक का कार्य सिर्फ प्रशासनिक है उनके लिए आप क्या कहना चाहेंगे ?  उसी क्रम में चंचला तिवारी द्वारा सभी अतिथि पदाधिकारियों से वर्तमान समय में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चहक प्रशिक्षण को लेकर कई वीडियो वायरल किए जा रहे हैं इनमें से कई गतिविधियों को तोड़ मरोड़ कर सोशल मीडिय

चम्पारण के इतिहास मे पहली बार एक महिला शिक्षिका बैठी आमरण अनशन पर...

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  नव प्रशिक्षित शिक्षकों के विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शाह आमरण अनशन ☆नवप्रशिक्षित शिक्षकों के एरियर सहित अन्य मांगो को लेकर 16 अगस्त से शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना-सह-आमरण अनशन चरखा पार्क पर शुरू मोतिहारी....शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक प्रमोद कुमार यादव के आह्वान पर शिक्षकों का विशाल समूह स्थानीय बंग्ला मध्य विद्यालय,मोतिहारी से चलकर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया।    शिक्षकों का समूह डीईओ कार्यालय से पुनः प्रदर्शन करते हुए चरखा पार्क के समीप धरना-सह-आमरण अनशन मे तब्दील हो गई। शिक्षकों की जायज मांगों का नहीं हो रहा है निपटान      धरना को संबोधित करते हुए श्री प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि निरंकुश,भ्रष्ट व हिटलरशाह जिला शिक्षा पदाधिकारी के कारण जिले मे पूरा शिक्षा व्यवस्था चौपट हो गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी शिक्षकों के समस्या के निराकरण मे कम लेकिन राजनीति मे ज्यादा रूची ले रहे है।फलस्वरूप बार-बार शिक्षकों के समस्या समाधान हेतु मांग पत्र देने के बावजूद अठाइस सूत्री मांग मे से अबतक एक भी मांग का निराकरण डीईओ द

नियोजित शिक्षकों की विकास यात्रा एवं जनता का दृष्टिकोण

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 राजनीतिक दृष्टिकोण के मामले में बिहार के लोगों का जवाब नही , कहा जाता है कि यहा चाय की दुकान पर भी सटीक और तगरी राजनीति होती है। किंतु यहां के लोगों में दृष्टिकोण हर राजनीतिक दल को अपने-अपने नजरिए से देखने का एक अलग ही अंदाज है। और यह अपने दृष्टिकोण पर सदैव कायम रहते हैं चाहे वास्तविक स्थिति जो भी हो एक बार जो दृष्टिकोण इन्होंने अपना लिया फिर उसकी रक्षा ही उनका परम धर्म माना जाता है। इसीलिए बिहार को राजनीति करने में अब्बल माना गया यहां के लोग चाय की दुकान से राजनीति का जो निष्कर्ष निकाल दे 90% संभावना होती है कि वह सटीक हो किंतु आइए नजर डालते हैं इनके दृष्टिकोण और वास्तविक परिदृश्य पर उससे पहले पीपीपी मोड को समझते हैं पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप योजना 1995 में प्रस्तावित थी जिसे अटल बिहारी वाजपेई कि सरकार ने लागू किया एवं इसके तहत सरकारी कार्यों में सीधे तौर पर निजी करण को लाकर भारत को पूंजीवाद की तरफ धकेलने का श्री गणेश किया गया था इसका असर सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं हर क्षेत्रों में देखने को मिला । शिक्षा के क्षेत्र में जनता का व्यापक दृष्टिकोण किसी राजनीतिक मंडली में हमारा

टीचर्स ऑफ बिहार का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कू ऐप हुआ मात्र दो महीने में ही 5000 के पार।

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बिहार की सबसे बड़ी प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी टीचर्स ऑफ बिहार के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की तरह ही कू ऐप भी शिक्षकों में बेहद लोकप्रिय हो रहा है। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस स्वदेशी कू ऐप में विगत 2 माह में 5000 से भी अधिक बिहार के सरकारी विद्यालयों के शिक्षक जुड़कर अपने विद्यालयों में हो रहे नवाचारी गतिविधि को साझा कर रहे हैं।  यह जानकारी देते हुए टीचर्स ऑफ बिहार के प्रदेश प्रवक्ता सह अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय छुरछुरिया के शिक्षक रंजेश कुमार ने कहा कि कू ऐप का इंटरफ़ेस भी ट्विटर के समान ही है, जिससे उपयोगकर्ता अपने पोस्ट को हैशटैग के साथ वर्गीकृत कर सकते हैं और अन्य उपयोगकर्ताओं को उल्लेख या उत्तरों में टैग कर सकते हैं। कू पीले और सफेद इंटरफेस का उपयोग करता है। 4 मई 2021 को, कू ने टॉक टू टाइप नामक एक नया फीचर पेश किया, जो अपने उपयोगकर्ताओं को ऐप के वॉयस असिस्टेंट के साथ एक पोस्ट बनाने की अनुमति देता है। स्रोत:–     उक्त जानकारी टीचर्स ऑफ बिहार के प्रदेश मीडिया संयोजक मृत्युंजय ठाकुर ने दी।

बिहार के मुख्यमंत्री ने दिया इस्तीफा

 मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने काफी लंबे दिनों से चल रही खींचतान को विराम देते हुए आज राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है इस्तीफा सौंपने के तुरंत बाद ही वह राबड़ी देवी के आवास पर तेजस्वी यादव से मिलने पहुंच चुके हैं अब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यादव के साथ मिलकर नई सरकार बनाएंगे। नई सरकार पहले की सरकार से सदन में काफी मजबूत होगी जहां पहले कि सरकार में भाजपा के विधायकों एवं हम के विधायकों के साथ इनकी संख्या 126 –27 के आसपास होती थी अब इनकी संख्या 164 रहेगी। सूत्रों के हवाले से खबर मिलती है कि तेजस्वी यादव नीतीश कुमार से गृह विभाग अपने पास रखने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं वहीं सरकार में कांग्रेश तथा लेफ्ट पार्टी अभी सहयोगी होगी अब नीतीश कुमार बिहार में महागठबंधन के सहयोगी दल होंगे। नीतीश कुमार का इतिहास रहा है राजनीतिक फेरबदल का गौरतलब है कि नीतीश कुमार भारत की राजनीति में पलटू राम के नाम से विख्यात है और अवसर का फायदा उठाना ही नहीं बहुत खूब आता है। नीतीश कुमार इससे पहले भी महागठबंधन के साथ 2015 में सरकार बना चुके थे लेकिन जीरो टॉलरेंस की अपनी नीति के कारण तेजस्वी यादव पर लगे आरो

नीतीश कुमार ने मांगा राज्यपाल से मिलने का समय 12:00 से 1:00 के बीच

 बिहार में राजनीतिक उठापटक के बीच खबर आ रही है कि बिहार के घोषित पलटू राम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर से पलटी मारने की फिराक में लगे हैं। महागठबंधन के साथ मिलकर एक नई सरकार बनाने के प्रयास को सफल बनाने के लिए नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि इस दौरान नीतीश कुमार अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप सकते हैं और नई सरकार बनाने के लिए नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ मिलकर नई सरकार बना सकते हैं। सत्ता के लिए नए साथी तलाशने का रहा है इतिहास बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बिहार की सत्ता में बने रहने के लिए नए साथियों का तलाश एवं उनका समय के साथ उपयोग करने का भरपूर इतिहास रहा है। नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बनाए जाने से खफा होने के बाद 2014 में नीतीश कुमार ने बीजेपी से अपना 17 साल पुराना गठबंधन तोड़ कर जीतन राम मांझी को गद्दी सौंप दी थी तथा 2015 के विधानसभा में उसने राजद कांग्रेस के साथ महागठबंधन बनाकर चुनाव लड़ा एवं उसमें बड़ी जीत महागठबंधन की हुई किंतु सृजन घोटाले में फंसने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घोटाले से अपन

बिहार में होगी राजनीतिक उठापटक

 बिहार में पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह के इस्तीफे के बाद उठापटक तेज हो गई है कयास लगाए जा रहे हैं कि नीतीश कुमार बीजेपी का दामन छोड़ सकती है इस बाबत अगर नितीश कुमार बीजेपी का साथ छोड़ते हैं तो नितीश कुमार का आरजेडी के साथ मिलकर महागठबंधन में शामिल होकर ने सरकार बनाने के विकल्प खुले हुए हैं किंतु समस्या यह है कि आरजेडी किसी हाल में यह नहीं चाहेगी कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हो उसकी मांग हमेशा से रही है कि तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाया जाए राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव का कहना है कि नीतीश कुमार के पेट में दांत है अतः या किसी के नहीं हो सकते हैं कभी भी किसी को काट सकते हैं इस सिद्धांत का अगर राज्य पालन करती है तो नीतीश क्या तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री का समर्थन देने के लिए तैयार होंगे। अगर नहीं तो बीजेपी के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है क्योंकि बीजेपी नाराज में कोई बड़ी पार्टी है ना ही उसे किसी दूसरे दलों का समर्थन होगा देखना है कि बिहार की राजनीति में क्या हो पाता है। बिहार में सियासी उलटफेर के मिल रहे संकेत: क्‍या नीतीश कुमार बनाएंगे नए गठबंधन की सरकार? पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसी

टीचर्स ऑफ बिहार ने फेसबुक लाइव के माध्यम से आयोजित किया एक्सक्लूसिव कार्यक्रम लेट्स टॉक सवाल आपके, जवाब हमारे

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  बिहार की सबसे बड़ी प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी टीचर्स ऑफ बिहार ने बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं उनके द्वारा विद्यालयों में आयोजित नवाचारी गतिविधियों को एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से निर्मित अपने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की उपयोगिता, उसकी कार्यप्रणाली, टीम संरचना, शिक्षकों के सुझावों, शिकायतों एवं आगामी भविष्य की योजनाओं को लेकर रविवार को फेसबुक लाइव के माध्यम से एक्सक्लूसिव कार्यक्रम लेट्स टॉक सवाल आपके, जवाब हमारे आयोजित किया गया। इस एक्सक्लूसिव कार्यक्रम लेट्स टॉक सवाल आपके, जवाब हमारे को भागलपुर जिले की शिक्षिका खुशबू कुमारी एवं किशनगंज जिले की शिक्षिका कुमारी गुड्डी ने मॉडरेट किया।                  लेट्स टॉक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फाउंडर शिव कुमार ने कहा कि टीचर्स ऑफ बिहार एक ऐसा मंच है जो शिक्षकों एवं शिक्षा से जुड़े सभी हिताधिकारियों के द्वारा किये जा रहे शैक्षिक प्रयासों को साझा करने, नवाचारों से सीखने और लागू करने का अवसर और पहचान प्रदान करता है। साथ ही यह शिक्षकों के लिए, शिक्षकों का एक ऐसा अभिनव मंच है जो शिक्षकों के सार्थक प्रयासों