नीतीश कुमार ने मांगा राज्यपाल से मिलने का समय 12:00 से 1:00 के बीच

 बिहार में राजनीतिक उठापटक के बीच खबर आ रही है कि बिहार के घोषित पलटू राम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर से पलटी मारने की फिराक में लगे हैं। महागठबंधन के साथ मिलकर एक नई सरकार बनाने के प्रयास को सफल बनाने के लिए नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि इस दौरान नीतीश कुमार अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप सकते हैं और नई सरकार बनाने के लिए नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ मिलकर नई सरकार बना सकते हैं।


सत्ता के लिए नए साथी तलाशने का रहा है इतिहास

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बिहार की सत्ता में बने रहने के लिए नए साथियों का तलाश एवं उनका समय के साथ उपयोग करने का भरपूर इतिहास रहा है। नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बनाए जाने से खफा होने के बाद 2014 में नीतीश कुमार ने बीजेपी से अपना 17 साल पुराना गठबंधन तोड़ कर जीतन राम मांझी को गद्दी सौंप दी थी तथा 2015 के विधानसभा में उसने राजद कांग्रेस के साथ महागठबंधन बनाकर चुनाव लड़ा एवं उसमें बड़ी जीत महागठबंधन की हुई किंतु सृजन घोटाले में फंसने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घोटाले से अपना एवं अपने पार्टी के चहेते नेताओं का पीछा छुड़ाने के लिए पुणे आरजेडी के साथ महागठबंधन तोड़कर बीजेपी के साथ सरकार बना ली।


कम विधायक होने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी ने बनाया था नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री


2020 विधानसभा के चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड को सिर्फ 44 सीटें ही मिली थी फिर भी भारतीय जनता पार्टी ने नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री माना एवं उन्हें ही मुख्यमंत्री बनाया गया उस समय या कयास लगाया जा रहा था कि भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री हो सकता है किंतु बीजेपी के केंद्रीय प्रशासन ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री माना एवं उन्हें बिहार में गठबंधन का नेता चुनाव तथा मुख्यमंत्री बनाया किंतु आज स्थिति यह हो गई है कि कयास लगाया जा रहा है कि कभी भी नीतीश कुमार राज्यपाल को इस्तीफा दे सकते हैं।



एक बार फिर नए समीकरण के साथ बिहार के गद्दी संभालने का हो रहा है खेल


एक बार फिर नीतीश कुमार बिहार के जनता के जनादेश का उल्लंघन कर पुनः महागठबंधन के साथ सरकार बनाने को तैयार हो गए हैं। गौरतलब है कि नीतीश कुमार को बिहार की जनता ने जनादेश भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार बनाने के लिए दिया था लेकिन खबर आ रही है कि राज्यपाल से समय मांग कर वह इस्तीफा दे सकते हैं और नई सरकार का गठन महागठबंधन के साथ मिलकर कर सकते हैं। इससे पहले 2017 में भी नीतीश कुमार ने ऐसा ही खेल किया था उस समय भी बिहार की भारी बहुमत वाली जनादेश का अपमान कर बीजेपी के साथ सरकार बनाई थी एवं महागठबंधन का साथ छोड़ दिया था।


राज्यपाल से मिलने का समय क्या है कोई राजनीतिक स्टंट

जैसा कि सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि भारत के गृह मंत्री माननीय श्री अमित शाह जी ने नीतीश कुमार से फोन पर बात की एवं सूत्र बताते हैं कि बदल सकते हैं नीतीश कुमार के सूर। तो क्या राज्यपाल से मिलने का समय मांगना कोई राजनीतिक स्टंट है या भारतीय जनता पार्टी पर बनाया गया कोई दबाव सूत्र बताते हैं कि नीतीश कुमार की मांग है कि भारतीय जनता पार्टी के कोटे के चार मंत्रियों को बदला जाए एवं उन्हें बिहार की सत्ता में फ्री हैंड दिया जाए इन सब बातों को लेकर भारतीय जनता पार्टी एवं जनता दल यूनाइटेड के नेताओं के बीच तनातनी आए दिन लगी रहती है।


लालू यादव ने कहा था पलटू राम के पेट में है दांत


2017 में महागठबंधन से अलग होने के बाद लालू प्रसाद यादव ने कहा था कि पलटू राम के पेट में है दांत। किंतु जब नीतीश कुमार ने 2015 के विधानसभा चुनाव के लिए हमसे मदद मांगी एवं हमारे साथ गठबंधन किया तो हमने उसकी बातों पर विश्वास करके उसे अपने गठबंधन में शामिल किया किंतु नीतीश कुमार ने हमारी पार्टी के साथ एवं महागठबंधन तथा बिहार की जनता के साथ धोखा किया है। पुणे एक बार फिर माननीय राजद अध्यक्ष श्री लालू प्रसाद यादव जी ने एक बार फिर से नीतीश कुमार पर विश्वास जताया है किंतु क्या यह विश्वास फिर एक छलावा साबित होगा या नीतीश कुमार का राज्यपाल से मिलने के बाद ही पता चल पाएगा।



Comments

Popular posts from this blog

वैशाली जिला के अधिकारियों का तानाशाही फरमान

महुआ विधायक एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया रक्तदान महादान सेवा संस्थान के साथ मिलकर सामाजिक कार्य

टीचर्स ऑफ बिहार ने श्रीनिवास रामानुजन टैलेंट सर्च टेस्ट इन मैथमेटिक्स 2022 से संबंधित विषय पर जागरूकता हेतु आयोजित किया सवाल आपके-जवाब हमारे एक्सक्लूसिव टॉक शो।