बिहार के मुख्यमंत्री ने दिया इस्तीफा

 मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने काफी लंबे दिनों से चल रही खींचतान को विराम देते हुए आज राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है इस्तीफा सौंपने के तुरंत बाद ही वह राबड़ी देवी के आवास पर तेजस्वी यादव से मिलने पहुंच चुके हैं अब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यादव के साथ मिलकर नई सरकार बनाएंगे। नई सरकार पहले की सरकार से सदन में काफी मजबूत होगी जहां पहले कि सरकार में भाजपा के विधायकों एवं हम के विधायकों के साथ इनकी संख्या 126 –27 के आसपास होती थी अब इनकी संख्या 164 रहेगी। सूत्रों के हवाले से खबर मिलती है कि तेजस्वी यादव नीतीश कुमार से गृह विभाग अपने पास रखने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं वहीं सरकार में कांग्रेश तथा लेफ्ट पार्टी अभी सहयोगी होगी अब नीतीश कुमार बिहार में महागठबंधन के सहयोगी दल होंगे।



नीतीश कुमार का इतिहास रहा है राजनीतिक फेरबदल का

गौरतलब है कि नीतीश कुमार भारत की राजनीति में पलटू राम के नाम से विख्यात है और अवसर का फायदा उठाना ही नहीं बहुत खूब आता है। नीतीश कुमार इससे पहले भी महागठबंधन के साथ 2015 में सरकार बना चुके थे लेकिन जीरो टॉलरेंस की अपनी नीति के कारण तेजस्वी यादव पर लगे आरोपों पर उन्होंने राजद से अपना नाता तोड़ लिया था तब राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने इनके बारे में कहा था कि नीतीश कुमार के पेट में दांत है और यह किसी को भी काट सकता है लेकिन पुरानी सारी बातों को भुलाकर जैसा कहा जाता है कि राजनीति में कभी भी कोई किसी का अस्थाई दुश्मन नहीं होता इस बात को चरितार्थ करते हुए पुनः एक बार दोनों धुर विरोधी दल एक साथ एक मंच पर एक सरकार बनाते हुए नजर आ रहे हैं।


भारतीय जनता पार्टी ने 2025 तक माना था नीतीश कुमार को एनडीए का नेता


भारतीय जनता पार्टी के तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है शाम 5:00 बजे से पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकेश्वर प्रसाद के घर पर भाजपा के शीर्ष नेताओं की बैठक होगी उसके बाद ही भाजपा की तरफ से कोई अधिकारिक बयान दिया जाएगा वहीं भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय शीर्ष नेताओं की बैठक लगातार दिल्ली में जारी है बिहार से नित्यानंद राय शाहनवाज हुसैन गिरिराज सिंह एवं अन्य भाजपा के शीर्ष नेता दिल्ली में लगातार बैठक कर रहे हैं इसके बाद ही भाजपा अपना स्टैंड क्लियर कर पाएगी।


बीजेपी का रथ रोकने के लिए बिना शर्त कांग्रेस ने दिया है समर्थन


कांग्रेस ने पहले ही बता दिया था कि हम नीतीश कुमार को बीजेपी का विजय रथ रोकने के लिए बिना शर्त समर्थन देंगे वही राबरी आवास में राजद नेताओं की लगातार बैठक चल रही थी जहां सूत्रों के हवाले से ऐसा बताया जा रहा था कि राजद नीतीश कुमार पर भरोसा करने के मूड में नहीं थी किंतु बीजेपी के विरोध में राजद के नेताओं ने नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री मान लिया है परंतु कुछ प्रमुख विभाग राजद अपने पास रखिएगा जिसमें गृह विभाग प्रमुख है। राजद या दूसरी बार नीतीश कुमार के साथ सरकार बनाने जा रही है इससे पहले भी राजद एवं जदयू तथा कांग्रेश तीनों मिलकर 2015 के विधानसभा चुनाव में एक साथ चुनाव लड़े थे जहां इन् जनता का अपार समर्थन हासिल हुआ था किंतु 2 साल सरकार चलाने के तुरंत बाद नीतीश कुमार ने राजद से अपना गठबंधन तोड़ कर पुनः बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली थी तभी विभिन्न राजनीतिक दलों एवं भारत के भिन्न-भिन्न नेताओं ने नीतीश कुमार को पलटू राम के नाम से संबोधित किया था जिसे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार पुनः चरितार्थ कर दिया है।


इस्तीफे के साथ नीतीश कुमार अब दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री का शपथ लेंगे बिहार के इतिहास में सबसे ज्यादा बार मुख्यमंत्री बनने एवं सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड स्थापित किया है नीतीश कुमार ने आजादी के बाद से अब तक बिहार की धरती पर अभूतपूर्व रहा है।

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