वैशाली जिला के अधिकारियों का तानाशाही फरमान

 


राघोपुर चारों ओर से नदी से घिरा क्षेत्र है।बाढ इस क्षेत्र की बहुत बडी समस्या है । ऐसी स्थिति में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राघोपुर एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी वैशाली का फोनिक आदेश समझ से परे एवं अनुचित है। यह आदेश शिक्षकों की ईमानदारी पर कालिख पोतने जैसा है।




ज्ञात हो कि इससे पहले वैशाली जिला में राघोपुर प्रखंड के शिक्षकों के लिए यह आदेश जारी किया गया था कि सभी शिक्षक शिक्षक उपस्थिति पंजी एवं शिक्षकों का फोटो तथा बच्चों की संख्या सुबह 9:30 तक व्हाट्सएप के माध्यम से विभाग को प्रेषित करना सुनिश्चित करेंगे जिसका पालन अभी तक हेड मास्टर के द्वारा किया जा रहा है किंतु इस बाढ़ के समय में दूरदराज के शिक्षकों का डीईओ ऑफिस में आकर हाजिरी देना या किसी तुगलकी फरमान से कम नहीं है वैशाली के की नजदीकी जिले समस्तीपुर में बाढ़ ग्रसित स्कूलों एवं क्षेत्रों मैं जब तक बाहर है तब तक विद्यालय का पठन-पाठन कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है एवं शिक्षक भी छुट्टी पर चले गए हैं यही स्थिति मोतिहारी एवं अन्य बाढ़ ग्रस्त इलाकों की है किंतु वैशाली जिला में या तुगलकी फरमान जिला के अधिकारियों के द्वारा शोषण के उद्देश्य से लगातार किया जाता रहा है।


   ज्ञात हो कि प्रखंड के अनेकों विद्यालय बाढ के पानी से घिर गयें हैं, इस संकट घडी में संबंधित विद्यालय में पठन-पाठन स्थगित रखते हुए शिक्षक विद्यालय में उपस्थित होकर कार्यालय का काम निबटा रहे हैं । यह शिक्षक के कर्मठता एंव ईमानदारी का सूचक है,यदि शिक्षक चाहते तो शिक्षा विभाग के वरीय पदाधिकारियों को सिर्फ संतुष्ट करने के लिए कागज का ही उपयोग सकते थे, पर शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति विद्यालय में रखते हुए सिर्फ पठन-पाठन स्थगित कर और इसकी सूचना वरीय पदाधिकारियों को प्रेषित कर अपनी कर्मठता एवं ईमानदारी का परिचय दिया है। 

     परन्तु जिला कार्यक्रम पदाधिकारी वैशाली एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राघोपुर का आदेश कि *वे सभी शिक्षक जिला शिक्षा पदाधिकारी वैशाली के कार्यकाल में योगदान दें* यह समझ से परे है। इस आपात स्थिति में शिक्षक हाजीपुर रोज किस साधन से ससमय योगदान दें सकेंगे और रोज घर वापस किस साधन से आ पायेंगे ? इस आदेश से वरीय पदाधिकारी द्वारा शिक्षकों के दोहन एवं शोषण की बू आती है । समाचार पत्र के माध्यम से संघ पूछना चाहता है कि क्या शिक्षा विभाग ने शिक्षक एवं उनके परिजनों के लिए हाजीपुर में आवासीय व्यवस्था कर रखी है?

  अतः बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ गोपगुट इस आदेश का घोर विरोध करता है । यदि यह तुगलकी फरमान वापस नही ली जाती है तो बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ गोपगुट आंदोलन को बाध्य होगा और इसकी सारी जवाबदेही विभाग की होगी। 


 सूचना स्रोत

बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के विभिन्न गुटों द्वारा ।

Comments

Popular posts from this blog

महुआ विधायक एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया रक्तदान महादान सेवा संस्थान के साथ मिलकर सामाजिक कार्य

टीचर्स ऑफ बिहार ने श्रीनिवास रामानुजन टैलेंट सर्च टेस्ट इन मैथमेटिक्स 2022 से संबंधित विषय पर जागरूकता हेतु आयोजित किया सवाल आपके-जवाब हमारे एक्सक्लूसिव टॉक शो।